दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड: आखिर क्यों हो रहा है यह वैज्ञानिकों के लिए चिंता का कारण………?
आपने सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े हिमखंडों की तस्वीरें देखी होंगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड कौन सा है और वह कहां स्थित है? आइए जानें इस आइसबर्ग की पूरी कहानी, इसके आकार से लेकर इसके कारण उत्पन्न खतरे तक।

क्या है हिमखंड?
हिमखंड, जिसे आइसबर्ग भी कहा जाता है, बर्फ का एक बड़ा टुकड़ा होता है जो ग्लेशियरों या बर्फ की शेल्फ से टूटकर समुद्र में तैरता है। ये आइसबर्ग आमतौर पर समुद्र की सतह पर दिखते हैं, जबकि उनका अधिकांश हिस्सा पानी के नीचे होता है।
A23a: दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड
A23a नाम का यह हिमखंड, जो अंटार्कटिका के तट से लगभग 35 साल पहले टूटकर अलग हुआ था, दुनिया का सबसे बड़ा गतिमान हिमखंड है। इसका आकार वाकई में चौंकाने वाला है। A23a चौकोर आकार का है और दोनों दिशाओं में लगभग 60 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इसकी मोटाई 300 मीटर है, जिसमें से केवल 10 प्रतिशत हिस्सा पानी की सतह के ऊपर नजर आता है।

हिमखंड की उत्पत्ति
अंटार्कटिका से टूटने वाले आइस शेल्फ़, जो कि बर्फ के विशाल चट्टान होते हैं, पतले होकर पानी में तैरने लगते हैं और आइसबर्ग में बदल जाते हैं। जब ये शेल्फ़ टूटते हैं, तो पानी में तैरने लगते हैं और धीरे-धीरे बड़े हिमखंड का रूप ले लेते हैं। A23a भी इसी प्रक्रिया का परिणाम है।
हिमखंडों का आकार और खतरें
A23a हिमखंड का आकार इतना बड़ा है कि यह टाइटैनिक से टकराने वाले हिमखंड से हजारों गुना बड़ा है। इस आकार के हिमखंड से समुद्री जहाजों को भारी खतरा हो सकता है, क्योंकि हिमखंड का बड़ा हिस्सा पानी के नीचे होता है और इसे आसानी से देखा नहीं जा सकता।
A23a का सफर
फिलहाल, यह हिमखंड हर रोज़ 1 से 2 किलोमीटर की रफ्तार से सफर कर रहा है। इसकी गति हवा, समुद्री धाराओं और मौसम की स्थिति पर निर्भर करती है। यह आइसबर्ग एली के नाम से मशहूर इलाके से गुज़र रहा है, जिसे ‘हिमखंडों की पगडंडी’ भी कहा जाता है।
इस हिमखंड का भविष्य
A23a का भविष्य अभी अनिश्चित है, लेकिन इसका अस्तित्व वैश्विक जलवायु परिवर्तन की गहराईयों को दर्शाता है। इससे उत्पन्न होने वाले खतरों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं।
A23a का यह सफर न केवल समुद्री जीवन के लिए खतरा है, बल्कि समुद्र के जलस्तर में वृद्धि और अन्य पर्यावरणीय चुनौतियों को भी उजागर करता है। इसलिए, इस विशाल हिमखंड पर निगरानी रखना और इससे उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों से निपटना बेहद जरूरी है।